Thursday, September 24, 2009

केहुनी-मिलन (elbow shake) - Swine flu से बचने का तरिका ?


बच्चे के रूटीन चेकउप के लिए आज डॉक्टर के पास गया | डॉक्टर ने हाथ मिलाने (hand shake) के बजाय अपनी केहुनी (elbow) आगे बढा दी | एक क्षण को अवाक रह गया की डॉक्टर साहब ये क्या कर रहे हैं, कहीं मुझसे कोई पुराना हिसाब-किताब तो चुकता करने के मुड मैं तो नहीं आ गए? मुझको अवाक देख उन्होंने कहा - give me your elbow. मैंने संकोच करते-करते शिष्टाचारवस ही सही अपना केहुनी (elbow) उनकी केहुनी से सटा तो दी | पर मन मैं एक नई आशंका ने जन्म ले लिया ...कहीं ये इलू-इलू वाला तो नहीं... क्या मैं ऐसा दिखता हूँ कि एक पुरुष डॉ. मुझसे ... छि-छि ... | हिम्मत कर, डॉ. साहब से पूछ ही लिया ये elbow-elbow क्या था, ...? बड़े प्रेम से उस अमेरिकन डॉ. ने elbow-elbow का अर्थ इस प्रकार समझाया :

* It is the newly suggested and advisable way of greeting people rather than handshakes. (हाथ मिलाने की अपेक्षा ये लोगों का सत्कार करने का एक नया और सुझावित तरिका है ) * Swine flu और अन्य कई संक्रामक बिमारी से बचने का एक कारगर/सुरक्षित तरीके के रूप मैं इसका इस्तेमाल अमेरिका, यूरोप .. आदि देशों मैं किया जाने लगा है |                                तो भाई अब यदि भारत मैं कोई आपसे केहुनी-मिलन (elbow shake) करना चाहे तो चौकियेगा नहीं | क्या पता भारत मैं भी केहुनी मिलन का प्रचलन आरम्भ हो गया हो और हमें पता ही नहीं ! वैसे भी अपन देशी लोग तो आँख मुंद कर कॉपी करने मैं माहिर हैं | चेतावनी : भूल से भी अपनी केहुनी किसी आर्जेन्टिना वालों से नहीं मिलाना, लेने के देने पड़ सकते हैं | हाँ यदि आपका विचार आर्जेन्टिना वाले की बेटी से शादी करने का है तो केहुनी से केहुनी जरुर मिला सकते हैं | वैसे हमारे पास केहुनी मिलन या हाथ मिलाने का एक सुन्दर और अजमाया हुआ विकल्प है - अपने दोनों हाथ जोड़ कर प्रणाम, नमस्कार या नमस्ते कहने का | कुछ अमेरिकन अब लोगों का अभिवादन नमस्ते की मुद्रा मैं भी कर रहे हैं |


पर imported thought (आयातित विचार) प्रेमी भारत मैं, किसी देशी विचार या हाव-भाव या हाथ जोड़ कर प्रणाम/नमस्ते को तरजीह देने की संभावना क्षीण ही लगती है | फिर भी ये एक अच्छा मौका है .....

10 comments:

Mired Mirage said...

वाह, बढ़िया है।
घुघूती बासूती

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

राकेश जी, देख लीजिएगा बहुत जल्द ये कुहनी मिलन यहाँ भी शुरू होने ही वाला है.. आखिर जब हम पश्चिम की हर बात में नकल करते हैं तो भला इस में क्यूं न करेंगे....

Udan Tashtari said...

प्रणाम करना ही ठीक है.

Babli said...

बहुत बढ़िया लिखा है आपने! आपके पोस्ट के दौरान अच्छी और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई!

Pankaj Mishra said...

अभी तो राकेश भाई बात सिर्फ केहुनी तक आयी है आगे ऐसे बचाव के लिए सिर्फ पैर के पंजे मिला लेगे .:) देवा रे देवा

Murari Pareek said...

elbow elbow ji ab to yahi karenge !! hath se kohni par aa gaye !!

दिगम्बर नासवा said...

नमस्कार और प्रणाम दोनों ही ठीक हैं .......

हिमांशु । Himanshu said...

गजब केहुनी मिलन ! आजमाया जायेगा यह भी भारत में । आभार।

रंजना [रंजू भाटिया] said...

यह अंदाज भी बढ़िया है जल्दी ही शुरू हो जाएगा :) रोचक

Atmaram Sharma said...

बढ़िया विचार है.