Thursday, September 3, 2009

पैगम्बर मुहम्मद कल्कि अवतार नहीं - स्वच्छता वाले सलीम मियां को जवाब


सबसे पहले ये बता दूं की ये लेख मैंने क्यूँ लिखा? हिंदी ब्लॉग जगत मैं डॉ. जाकिर के चेलों (स्वच्छता वाले सलीम खान) द्वारा लगभग हर सप्ताह एक दो ब्लॉग "पैगम्बर मुहम्मद ही कल्कि अवतार हैं" लिखते रहे हैं | हमने कई जवाब भी दिए पर वो कहाँ सुननेवाले ! गूगल पे हिंदी मैं सर्च करो तो वही स्वच्छता वाले (वास्तव मैं अस्वच्छ) सलीम खान ही सबसे आगे आते हैं और उसका कोई सही जवाब देता हुआ ब्लॉग नहीं मिला | इसलिए सोचा के झूठे प्रचार का जवाब देना ही चाहिए | मैं संस्कृत का ज्ञानी नहीं इसलिए संस्कृत शब्दों और श्लोकों के अर्थ के लिए उचित reference देने की कोशिश की है |

क्या पैगम्बर मुहम्मद कल्कि अवतार हैं ? उत्तर : नहीं, निम्न बिन्दुओं पे गौर करें :

* हिन्दू धर्म ग्रंथों मैं कलि युग का काल ४,३२,००० (चार लाख बत्तीस हज़ार वर्ष) बताया गया है | कलि युग के अंत मैं ही भगवान् स्वयेम कल्कि के रूप मैं पृथ्वी पे अवतार लैंगे (ref: भागवतम 2.7.३८ -
http://srimadbhagavatam.com/2/7/38/en ) | कलि युग का आरम्भ लगभग 3102 BC माना गया है (ref : http://www.harekrsna.com/sun/features/04-09/features1345.htm) | अब तक कलि युग के लगभग पॉँच हज़ार वर्ष ही बीते हैं, कल्कि अवतार आने मैं अभी लाखों वर्ष बाकी हैं | क्या यहीं ये साबित नहीं हो जाता की मुहम्मद साहब कल्कि अवतार हैं ही नहीं !

* डॉ. जाकिर और अन्य मुस्लिम विचारक जिन हिन्दू धर्म ग्रंथों का सन्दर्भ दे रहे हैं, उन्ही ग्रंथों में राम, कृष्ण.... को साक्षात भगवन का अवतार बताया गया है | क्या हमारे मुसलमान भाई कल्कि अवतार से पहले की अवतारों (राम, कृष्ण....) को भगवान् मानते हैं ? ये प्रश्न जैसे ही पूछता हूँ इनके बड़े-बड़े विचारक बेशर्मी से कहते हैं, नहीं हम तो सिर्फ मुहम्मद साहब को ही अवतार मानते हैं और इससे पहले की सारे अवतार झूठे हैं | मतलब की आप हमारे मुहम्मद साहब को कल्कि अवतार मान कर इस्लाम कबुल कर लो, हम तो आपके अवतारों राम, कृष्ण ... को मानते भी नहीं !!! अब बताईये इस्लाम के बड़े-बड़े विचारकों को क्या कहा जाए ?

* भागवतम (12.2.१७ -
http://srimadbhagavatam.com/12/2/17/en) कहता है : भगवान् विष्णु खुद कल्कि के रूप मैं धरती पे अवतार लेंगे | मतलब भगवान् विष्णु = कल्कि अवतार | पर डॉ. जाकिर और उनके चेले कहते हैं की मुहम्मद साहब तो पैगम्बर हैं, अल्लाह कोई और है | जबकी हिन्दू ग्रन्थ साफ़ कहता है : कल्कि अवतार कोई पैगम्बर नहीं बल्कि भगवान् विष्णु का अवतार होगा | एक कम बुद्धि वाला इंसान भी ये बात भली भांती समझता है, फिर डॉ. जाकिर और सलीम भाई जैसे इस्लाम जगत के बड़े विद्वानों ने क्यों नहीं समझा इसे अबतक? समझेंगे भी कैसे इनके पथ निर्देशक खुद ही गलत रास्ते पे जो दौड़ रहे हैं |

* कई जगहों पे वेदों का उदाहरण दे कर कहते हैं की वेदों मैं मुहम्मद साहब के बारे मैं फलां-फलां बातें बतायी गई है | वस्तुतः वेदों मैं कुल १,००,००० (एक लाख) ऋचाएं/मन्त्र थी , घटते घटते आज सिर्फ २०-२१ हजार ही उपलब्ध रह गई हैं | एक पढ़ा-लिखा इंसान (भले ही उसे कितनी भी अच्छी संस्कृत क्यों ना आती हो) इन २०-२१ हजार रिचाओं को अपने बल बूते नहीं समझ सकता, ये ग्यानी जन कह गए हैं | वेदों को समझने के लिए गुरु-शिष्य परम्परा आवाश्यक है | शायद यही कारण है की वेद कभी गीता, महाभारत, रामायण या अन्य पुराण की तरह आम जन के लिए सहज उपलब्ध भी नहीं हुआ और ना ही इसे ऐसे पढा जाता है |
डॉ. जाकिर और उनके चेलों (स्वच्छता वाले सलीम मियां) से ये पूछना चाहता हूँ की आपने वेद के २०-२१,००० ऋचाएं बिना गुरु (कोई गुरु हो तो बताएं) के ही पढ़ कर समझ भी लिया वो भी ४-५ वर्षों मैं ही ? आपके कुरान मैं लगभग ६२३६ आयात ही हैं, तो आपने कुरान से कई गुना ज्यादा समय वेद पढने मैं लगाया , वाह क्या बात है ? अब जबकी मुस्लिम विद्वान् हिन्दू ग्रन्थ पढने मैं ज्यादा समय देते हैं तो कोई पागल हिन्दू ही इनके कुरान को पढ़ेगा, क्यूँ ?

* वेद के किसी भी मन्त्र मैं मुहम्मद शब्द का उल्लेख तक नहीं है, फिर भी बड़े बेशर्मी से ये कहते हैं नराशंस शब्द का अर्थ मुहम्मद और अहमद है | नराशंस शब्द का वास्तविक अर्थ जानने के लिए youtube लिंक देख सकते हैं :
http://www.youtube.com/watch?v=AHOv-v-EfkE | जाकिर और उनके चेलों (सलीम खान) के हिसाब से संस्कृत के बड़े बड़े पडित - ज्ञानी किसी को संस्कृत नहीं आती, सबसे बड़े ज्ञाता तो सलीम मियां और जाकिर नायक हैं !

* पैगम्बर मुहम्मद पे भविष्य पुराण क्या कहता है जानने के लिए गूगल मैं search करें, अंग्रेजी मैं ढेर सारी सामग्री मिल जायेगी | bhavishyapuran नाम से (शायद) एक ब्लॉग भी है जहाँ इसपर सामग्री उपलब्ध है |

स्वच्छता वाले सलीम भाई के गुरु डॉ. ज़ाकिर नायक के बारे मैं कुछ मुसलमान भाई क्या राय रखते हैं, देखने के लिए youtube लिंक पे क्लिक करें
youtube लिंक
http://www.youtube.com/watch?v=JL52VoKUj78 - (NDTV रिपोर्ट )


(इस लेख का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेश पहुचाना नहीं अपितु डॉ. जाकिर और अन्य मुस्लिम भाईयों (स्वच्छ हिंदोस्ता वाले सलीम खान, और ना जाने कौन कौन ..) द्वारा कल्कि अवतार पे किये जा रहे झूठे प्रचारों से लोगों को अवगत करना है | )
 

49 comments:

alka sarwat said...

भाई ,जिसे रातों -रात फेमस होना होता है वही किसी भी धर्म की किसी बात को तोड़ मरोड़ कर लोगो के सामने रख देता है .समझ में नहीं आता कि जिन्हें अपने घर के बर्तन की जानकारी नहीं वे दूसरे के घर के बर्तन का तजकिरा कैसे करते हैं ?

गिरिजेश राव said...

सब ठीक है लेकिन नराधमों का नाम लिए बिना भी पोस्ट की जा सकती थी। ये सब 'प्रतिक्रिया' के भी लायक नही हैं।

दीपक भारतदीप said...

आपने जिस गुरु शिष्य परंपरा का उल्लेख किया है वह बहुत महत्वपूर्ण है। बिना गुरु के ज्ञानार्जन नहीं किया जा सकता है। वैसे इसमें एक बात महत्वपूर्ण है कि गुरु का सानिध्य आपको कितनी देर मिलता है इससे अधिक इस बात का है कि वह आपको मार्ग कौनसा किस तरह बताता है। याद रखिये गुरु तो गोविंद से अधिक महत्व रखता है यही कारण है कि हिन्दू अध्यात्मिक ज्ञान विश्व में सबसे अधिक प्रमाणिक माना जाता है क्योंकि उसके तर्क का प्रत्युत्तर नहीं होता। जानकारी की दृष्टि से आपका आलेख बहुत अच्छा लगा।
.....................................
दीपक भारतदीप

Ratan Singh Shekhawat said...

आज तो खुद सलीम मियां अपने आप को हिन्दू घोषित कर रहे है उनसे पूछा जाय कि यदि भारतवर्ष में रहने वाले सभी लोगों को वे हिन्दू मानते है तो उन्हें हिन्दू शब्द से घृणा क्यों ? फिर विवाद कैसा ?

अनुनाद सिंह said...

जाकिर के चेले 'ऊंट' पर बैठकर 'सूरज' को छूना चाहते हैँ। आपके तर्क उनके लिये अकाट्य हैं। पर उनको आधुनिक ढ़ंग के तर्क पर 'इमान' ही नहीं है।

कृष्ण ने गीता में कहा है -

"यदा-यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत |
अभ्युत्थानं अधर्मस्य तदा आत्मानं सृजाम्यहम् ||

इसमें 'यदा-यदा' और 'तदा' का क्या अर्थ है? 'जब-जब' और 'तब' । इसमें तो नहीं कहा है कि अगली बार मैं 'अन्तिम' अवतार लूंगा। तो ये मुहम्मद अवतार कैसे हुए और वो भी 'अन्तिम' ?

Mithilesh dubey said...

भाई जी आप सलिम को लेकर ज्यादा परेशान ना हो। वह उनमे से है जो कि टिप्पणी के लिए कुछ भी लिख सकता है। मुझे समझ मे नही आता कि वह अपने धर्म को सबसे अच्छा बताता है क्यों? अगर तुम्हारा धर्म इतना ही अच्छा है तो बार-बार ये सिद्ध करने की कोशिश क्यों?। मेरा तो मानना है कि ऐसे ब्लोगरो के खिलाफ कार्यवाई की जानी चाहिए। और आप सभी ब्लोगरो से मेरा निवेदन है कि आप ऐसे ब्लोगर जो किसी धर्म विशेष के अनुयायी हैं और किसी और धर्म को बुरा बताते है, तो आप ऐसे ब्लोग का अनुसरण ना करें और नही टिप्पणी दें, क्यो की इससे ही इनका उत्साह बर्धन होता है।

निशाचर said...

भाई आप इसकी (सलीम उर्फ़ राजेश उर्फ़ कैरानवी उर्फ़.......... जाने क्या-क्या) बातों को लेकर नाहक ही परेशान हैं. यह यहाँ वेदों का ज्ञान बांटता फिर रहा है और वहां "मोमिन" साहिब इनके कुरानी ज्ञान की ऐसी - तैसी किये हुए हैं और इनके बोल भी नहीं फूट रहें हैं यकीन न हो तो देख लीजिये http://albedar.blogspot.com

KSP1857 said...

कल्की अवतार के भगवान सिर्फ दुष्टोँ का नाश करेँगे।वे सज्जनो और मूक मासुम जानवरोँ को न तो स्वयं मारेंगे न ही अपने अपने मुस्तँड़ों से मरवाएँगे ।

Anonymous said...

कल्कि अवतार के ब्‍लाग antimawtar.blogspot.com पर एक लाइन यह भी मिलती है क्‍या यह Big game against islam है, हमें इसका भी उत्‍तर देना चाहिये

बवाल said...

डॉ. ज़ाकिर और सलीम भाई बहुत अच्छे लोग हैं जो यह कह रहे हैं कि मोहम्मद साहब कल्कि अवतार हैं। इसी बहाने वे हिंदुत्व को स्वीकार तो कर रहे हैं। आप तो भाई गुस्सा होने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करते रहिए। धीरे धीरे उनका ज्ञान परिष्कृत हो जावेगा और हो सकता है वे बाकि भगवान्स को भी उनके नबियों से मैच करवा दें। फ़ायदा तो हिन्दू धर्म को ही हो रहा है ना ? हा हा । आप को एक बात बताऊँ, हज़रत नूह ही आपके ऋषि मनू हैं और वही बाइबिल में नोहा भी हैं। ज़रा इस पर सलीम मियाँ को छेड़िये तो फिर हम सब मिल कर उनकी मौज लेंगे। हम आपके साथ हैं। सूचित भर कर दीजिएगा। फ़ीअमानिल्लाह।

Suresh Chiplunkar said...

गिरजेश राव जी से सहमत, इनका नाम लेने की आवश्यकता ही नहीं है, खामखा उन्हें मुगालता होता है कि TRP नाम की कोई चीज़ होती है… :) तर्क तो उसे ही दिये जा सकते हैं जो सुनना-समझना चाहता हो, लेकिन जो पहले से ही एक पुस्तक और एक अवतार को अन्तिम मान बैठा हो, उसे आप क्या और कैसे समझायेंगे…

Harnam हरनाम said...

करानवी के प्रस्‍तुत ब्लाग में कमेंटस मे उनको यह बताकर कि अन्तिम अवतार पर किताब लिखने वाले श्रीवास्‍तव मुसलमान हो गये हैं, से उनको बडी शक्ति मिल गई, वह बात जान गये जो नहीं जानते थे,इस पोस्ट से कहीं वही खीज तो नहीं उतार रहे, होसके हम भाइयों से उस खता पर क्षमा मांगिये

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...
क्या ये वही हैं जो कुछ दिनों पहले इस्लाम को स्वीकार किया? यदि वही हैं तो उनका इस्लामिक नाम का प्रयोग कीजिये |
August 4, 2009 8:53 PM

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

राकेश जी आपने बडे तर्कपूर्ण ढंग से बात रखी। लेकिन ये वो लोग हैं जिनके पास किसी भी तर्क का कोई जवाब नहीं।
जहाँ आपने कोई तर्क दिया नहीं कि समझिए इनका मौन शुरू....फिर ये लोग उस विषय पर न करके कोई दूसरा राग अलापने लग जाएंगे। किसी भी बात का इनके पास कोई जवाब नहीं है।
ले देकर एक बात का रट्टा लगा रखा है....."एको ब्रह्म..द्वितियो नास्ति" । मेरे विचार से तो इन लम्पटों को भाव देने की बजाय इनका बहिष्कार करना ही ठीक है। क्यों कि न तो इन लोगों का धर्म से कुछ लेना देना है और न ही देश से...... इन लोगों के भेष में नापाकिस्तान के एजेन्टों का कोई ग्रुप यहाँ सक्रिय हैं।।

दिगम्बर नासवा said...

बहुत ही तार्किक TARIKE से आपने अपने VICHAARON को RAKHA है ......... प्रभावी और तथ्यों से भरपूर है आपका लेख ............ स्वक्षता वाले सलीम कितने स्वक्ष हैं .......... ये इस बात से पता चलता है की वो कभी भी मुस्लिम समाज की बुराइयों को दूर करने में समय नहीं लगाते बस दूसरों को फड्डे में ऊँगली करते रहते हैं ..............

Anonymous said...

रमजान में भूखो को रोटी के अलावा ब्लॉग पर कमेन्ट देना दिखाई देता है.. मिया ??

Atmaram Sharma said...

कुतर्क कभी तर्क से संतुष्ट नहीं होता.

bhawna said...

o ho bahut bahas hai bhai , kuchh thekedaar hameshaa apana pana gaate rhate hain. bas insaan ko bhool jaatein hain . vo bhi upar baitha in matiyon par hasta hoga ............are hamare poorvaj , sab aaye to "ek hi kokh" se hain naa .aur 100 baat ki ek baat "sooraj ko kisi naam se pookaro rahega to vah sooraj hi naa!"

Anonymous said...

अब तो में भी signature लगाऊँगा ..........
Signature:
पैगम्बर का अर्थ होता है "ज्योतिषी" - भारतीय ज्योतिष की मदद से मुहामद ने ऐसा धर्म चलाया जिससे इसलाम नाम का धर्म लम्बे समय तक जबरजस्ती चलाया जा सके |

कृष्ण ने गीता में कहा है -

"यदा-यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत |
अभ्युत्थानं अधर्मस्य तदा आत्मानं सृजाम्यहम् ||

इसमें 'यदा-यदा' और 'तदा' का क्या अर्थ है? 'जब-जब' और 'तब' । इसमें तो नहीं कहा है कि अगली बार मैं 'अन्तिम' अवतार लूंगा। तो ये मुहम्मद अवतार कैसे हुए और वो भी 'अन्तिम' ?

SANJAY KUMAR said...

If at all your fact holds water that Mohammad was tench incarnation of Lord Vishu, why he and his follower had to use Sword for spreading Islam.

None of Hindu's Nine incarnation adopt the method of violence for preaching.

If at all Mohammad was tenth incarnation, why did his follower adopted violent menthod against the follower of ninth incarnation (Budha) in Afganistan, Indonasia, Maldieve etc. and follower of all other incarnation in India.
Do you have instance to cite where the follower of one incarnation Say (Rama)has gone violent against follower of other incarantion (Say Krishna).

Even after adopting all sort of violent method bloating the follower by forced convesion, in what coniditon they are in are in India?

Except a few who are know as Bhai,(Yes those anti-nationals) [I seriously doubt, whether your are paasing your "Swachh Sandesh" to those bhais also or they are turned as Bhai after listening your "Swachh Sandesh".]

who rose on the economic and social ladder? With the kind of education you provide, how much it helped in their self development or national building?

I seriously doubt, whether Madarssa education can really compete with IIT or with any amount of your preaching you can make a good manager in corporate world comparable IIM product.

Let us analyse the follower of so called Tenth Incarnation, who rose on economic and social ladder and how much your teaching has helped in their achievement.

FILM ACTOR & ACTRESS (SHAHRUKH KHAN, NAGMA ETC,) :Acting, Singing and dancing is considred to Haram in Islam.

Ustad Bismillih Khan : Music is considred to be hram in Islam.
M.F. Hussain : Drawing and Painting of living creature is considered to Haram in Islam.
A.P.J. Abdul Kalam AND
Azim Hasan premji : I seriously doubt, whether they believe in your preaching.
Sania Mirza : Shall I need to commenton her dress its appropriateness in line with Islamic Code?

Volumes and Volumes can be written about plight and condition of follower of so called Tenth Incarnation.

DEAR PREACHER,

First you set your house in order, before peeping into other houses

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

सलीम भाई आप अपने ब्लॉग से ही वेद प्रकाश की किताब पढ़कर इस ब्लॉग पर उठाये गए सवालों का जवाब दे दीजिये | आपने जब उनकी किताब अपने ब्लॉग पे डाल रखी है तो शायद पढा भी होगा !

ओह मैं तो भूल ही गया आपने शायद वो किताब खुद ही नहीं पढ़ी है | वैसे भी आपका विश्वास खुद पढने-समझने के बजाये दूसरो को अपना उल-जलूल विचार पढ़वाने मैं ज्यादा है !

haal-ahwaal said...

apni photu se itna pyaar karnewale saleem miya se ek sawal :
UMRA GUZRI ISHQ-E-BUTA'n ME MOMIN
to ab tum khud ko kya ghanta musalman kehte ho?

दर्पण साह "दर्शन" said...

@ SANJAY KUMAR JI...

...MARVELLOUS EXAMPLE.

....

Anonymous said...

its very simple that why we taking all time to saleem at front leave them alone . please dont go at his site then see how miya behave

i know very well that this is a trick to incres TRP from saleem MIYA
he is not HINDU

Pankaj Mishra said...
This comment has been removed by the author.
Anonymous said...

saleem is a fraud person in "Vicharadhara"

Pankaj Mishra said...

कुतर्क कभी तर्क से संतुष्ट नहीं होता.

Anonymous said...

किस गान्‍डू के चक्‍कर में पड गये हो यार

Common Hindu said...

Hello Blogger Friend,

Your excellent post has been back-linked in
http://hinduonline.blogspot.com/

- a blog for Daily Posts, News, Views Compilation by a Common Hindu
- Hindu Online.

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

सफत आलम जी आपलोग जब इतना प्रचार कर रहे हो तो वो पुस्तक भी पढ़ी होगी आपने | तो हमारे प्रश्नों का जवाब देने मैं आपको दिक्कत क्या है ? कहीं ऐसा तो नहीं ना की सलीम भाई की तरह आप भी वो पुस्तक पड़े नहीं पर दूसरो को पढ़वाना जरुर चाहते हो !!!!

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

भाई, पहले तो इस लेख के लिए बधाई स्वीकारो. अब मुद्दे की बात, सलीम उर्फ़ राजेश उर्फ़ सफत उर्फ़ ओम उर्फ़ आलम उर्फ़ नबी उर्फ़ मुग़ल उर्फ़ ...एंड कंपनी का इस्लाम और कुरआन और वेदों से क्या नाता? इनकी ड्यूटी आपकी बात सुनने की नहीं बल्कि अपने साहबों की बात फैलाने की है. सो वे कर रहे हैं. एक नाम से ब्लॉग प्रतिबंधित हो जाएगा तो दुसरे नाम से करेंगे. पुरानी मुगालिस्तान और पाकिस्तान न्यूज़ सर्विस वाली ज़हरीली साइटें तो ९/११ के बाद की अमरीकी धमकी के साथ ही बंद हो गयीं. अब बेचारे छद्म ब्लोग्स के सिवा कर भी क्या सकते हैं?

स्वच्छ संदेश: हिन्दोस्तान की आवाज़ said...

उमर भाई ने सही फ़रमाया....

जी.के. अवधिया said...

राकेश जी, आपसे एक अनुरोध है कि कृपया जिस टिप्पणी में भी सिगनेचर के रूप में गलत सलत विज्ञापन हैं उन्हें हटा दें। टिप्पणी में किसी भी प्रकार का विज्ञापन नहीं होना चाहिए टिप्पणी का उद्देश्य विज्ञापन करना नहीं होता।

vivek said...

salim aur jakir agar vastav me yahi mante hai to unhe isse pahle ke avtaro ko bhi manna chaiye aur kam se kam hinduon ka virodh chod dena chahiye kyoki vishv me keval hindu dharam hi aisa dharam hai jo kisi bhi vichardhara ka samman karta hai yaha tak ki mandir ki aarti me bhi VISHV KA KALYAN HO kahta hai isliye sabhi pade likhe musalmano ko yah to samajh hi lena chaihye ki vo bhale hi muslim dharm ko mane par hindu dharm ki acchi bato ko apne dharm me shamil kare. hamre dharam ke anusar to jab jab bhi burai aayegi tab tab bhagvan avtar lenge kalki avtar bhi antim nahi hai. ye to ek chturyug ke antim avtar hai samay chakra ke anusar to anek chturyug aayenge

pankaj said...

umar kairvani ki blog par maine kuch kitaben padhi jisase mujhe laga ki umar ji hindu aur musalmaano ke beech ki dooriyan kam karna chahte hai.ye book keval hinduon ke liye hi nahi balki musalmano ke padhane ke liye bhi hai.aap ki blog par mauzood"AB TO JAAGO RE" me to muslimo ko bhi dhikkara gaya hai.aaj bhi bahut muslim apne deen par nahi hain aur hidu bhi nahi.................

pankaj said...

ऊपर कुछ भाई लोगों ने तो वेदों के ब्रह्मसूत्र "एकं ब्रह्म द्वितीय नास्तों" को लम्पट बता दिया है इन्हें डर.है शायद की लोग एक ही इश्वर को न मानने लगे सही बात है मुस्लिम भाइयों आपको ऐसा नहीं करना चाहिए आप लोग तो पंडितों की रोजी रोटी बंद करा देंगे जो अनेको देवता की पूजा कराते हैं सुधर जाइए आप लोग | वेद में लिखा हैकि ईश्वर की कोई मूर्ति नहीं हो सकती गलत है भाई ये आखिर हमारे वेद को लिखितरूप तो एक ईसाई ने दिया |हिन्दू धर्म(मूर्तिपूजक) एक महान धर्म है हमारे यहाँ तो ब्राह्मण ईश्वर की मूर्ति में जान (प्राणप्रतिष्ठा) तक डाल देते है मतलब ब्राह्मण ईश्वर से बड़ा है इसीलिए हिन्दू धर्म में प्रथम देवता ब्राह्मण होते है लेकिन मुसलमान बेचारे ऐसे खुदा की पूजा करते है जिसने इन्हें बनाया और हम उस खुदा की पूजा करते हैं जिसको हमने बनाया तुम मुसलमान क्या जानो तुम्हारा दिल तो इतना छोटा है की उसमे सिर्फ एक ईश्वर की जगह है हमारा दिल तो दरियादिल है उसमे बहुत जगह है| भारत के सारे मुसलमान कभी हिन्दू थे

Mr. Ravinder Kumar said...

i don't understand what these people will get in creating differences.we should concentrate on preachings of those avtaars of GOD in the form of human. mohmmad sahab and all the preachers are the form of GOD. even in ramayna it is said that a person who knows GOD and does his work according to HIS will is a GOD. it does not matter whether he is hindu or muslim.

Anonymous said...

जाकिर के चेले 'ऊंट' पर बैठकर 'सूरज' को छूना चाहते हैँ। आपके तर्क उनके लिये अकाट्य हैं। पर उनको आधुनिक ढ़ंग के तर्क पर 'इमान' ही नहीं है।

कृष्ण ने गीता में कहा है -

"यदा-यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत |
अभ्युत्थानं अधर्मस्य तदा आत्मानं सृजाम्यहम् ||

इसमें 'यदा-यदा' और 'तदा' का क्या अर्थ है? 'जब-जब' और 'तब' । इसमें तो नहीं कहा है कि अगली बार मैं 'अन्तिम' अवतार लूंगा। तो ये मुहम्मद अवतार कैसे हुए और वो भी 'अन्तिम' ?

Anonymous said...

muhammad shahab ke bare mein bhavishya puran mein likha gaya hai ki woh pichchle janm me tripurasur tha. aur ye bhi likha gaya hai kalki mallechchon ka naash karenge jabki muhammad khud malechcha tha

Anonymous said...

in sabse poocho ki kya salo ne puri kuran padi hai ya nahi phir bedo ki bat kare. ye sab hinduatan ke kodh hai

Anonymous said...

सलीम खान नंबर 1 का हरामी है उसकी बातो पर ध्यान न दे.
और इस्लाम की सच्चाई जानने के लिये' भंडाफोड़ू' ब्लाग पढ़े

Anonymous said...

आप ने सलीम खान के comment remove कर के प्रमाणित कर दिया कि सलीम खान गलत है या आप !!! शुभकामनाओ के साथ !!!

MAHESH said...

aj kal jaha dekho har muslim bhai ko unke dharm ke molvi ek naya gyan de rahe hai ki mohhameed sahab hi kalki avtar hai is bhool vash kuch hindu aur muslim dono hi ise such man rahe hai aur iska main reason hai dr.jakir naik apne speech main unhone is jhoot ko bar bar galat taikr se rakh agar ye such hai to mere 4 sawal har kisi se Ye har hindu janta hai ki agar unke dharmgranth main kahi bhi kuch alag milta hai to vedo ko manyata milegi na ki hamare puran aur shshtro ko 1) kisi bhi vedo main rigved , atharved , samved , yajurvde in me kahi bhi mohhmeed sahab ka ya arab desho ka jikra nahi hai 2) bhvishya puran aur kalki puran main jaroor kalki ka example hai par wo vedo ki manyata khatam kar apna alag hi sidhant batate hai aur to aur usme mohhmmed sahab ko kya bataya gaya hai wo khud jakar padhe to unhe dukh hoga ki usme kya likha hai malech dharm aur unke manane walo ke sadarbh main mere kuch point
1) kalki puran aur bhavishya puran ke anusar khud bhagwan vishnu apna antim avatar kalki avatar lekar logo ko vedic religion main lakar phir se satyug ki aur le jayenge ................. par islam ke anusar ye nahi ho sakta kyo ki koi bhagwan ya allah khud kabhi bhi dharti par nahi aata wo apne nabi ko bhejta hai aur haan man bhi liya jaye ki mohhmmed sahab hi kalki the to bata du satyug aaya nahi aur jyada jhagde badh gaye hai
2) bade hi afsos ki baat hai ki bhagwan vishnu ke sare avatar bharat main hi hindu family main hua hai aur to aur unhone har yug main bhi hindu dharm ka koi bhi rule change nahi kiya ............. par aisi kya jaroorat aa padi ki unhone antim avatar saudia arab main non hindu family main liya aur hindu ke sare rule change kar baithe bhagwab vishnu ke follower jinhe vaishnav mante hai wo matan aur chiken to dur ki baat hai wo to pyaj (onion) aur lahsun bhi nahi khate itna sara change kaise lash ko dafnana 4-4 wife rakhna matan khana itna sara change naya dharm dena jabki shri ram aur shri krishna itne popular hue fir bhi unhone koi naya religion nahi banane diya na matbhed kabhi bhi hone diya sab vedo ke anusar hi rakha
3) sabse important question jiska answer shayad hi jakir naik ya koi de sake jis tarah se ye kalki avatar ko hi mohhmmed sahab batate hai mera sawal hai ki vishnu ji ne jo 10 avatar liye hai unme se ek avatar unhone varah avatar jise suwar (pig) bhi kehte hai wo bhi liya hai hiranyaksh naam ke pishach ko marne ke liye to kya ......................... jakir naik ye mante hai ki allah ya koi bhi bhagwan suwar ban sakte hai nahi to apne bheje hue fariste ko suwar ka roop de sakte hai kya koi bhi iska answer dega badi afsos ki baat hai ki aaj kal hindu dharm ka log gyan churakar apne dharm ka hissa batate hai ya hindu devta ko apne kisi pagamber se jodte hai par hindu itna akal nahi lagata ki kya aisa ho sakata hai isliye vedo ki aur lote .........ommmmmmmmmmmmm...................ommmmmmmmmmmmmmmmmmm

Anonymous said...
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Anonymous said...

यह बातें इस लिये छुपाइ जाती हैं ताकि मंदिराें अाैर मठाें में चलने वाली धर्म की दुकानें कहीं बन्द न हाे जायें!

Anonymous said...

Mr. Anonumous,
You said that Vedas describe allah and Muhammad, so it is totally fake becoz the lines you have described about allah and muhammad are taken by the "Allopnishad", a fake Opnishad(part of veda) written in the reign of Akbar.Swami Dayanand Saraswati prooved it fake.You should read "Arbopnishad" first.
And do you all know?Not only Muslims but also Christians made a fake Opnishad named "Yajorvedam" that soon declared fake.So, how nice our sanatan religion and or Indian Culture in the comparison of their Arabian Culture.
If you want to know more about your Islam, please Read book "Chaudahwin Ka Chand", a very effective book written against Islam that nobody could answer back.It was in the response of "Haq Prakash".

Vaidehi said...

Anonymous said...

Mr. Anonumous,
You said that Vedas describe allah and Muhammad, so it is totally fake becoz the lines you have described about allah and muhammad are taken by the "Allopnishad", a fake Opnishad(part of veda) written in the reign of Akbar.Swami Dayanand Saraswati prooved it fake.You should read "Arbopnishad" first.
And do you all know?Not only Muslims but also Christians made a fake Opnishad named "Yajorvedam" that soon declared fake.So, how nice our sanatan religion and or Indian Culture in the comparison of their Arabian Culture.
If you want to know more about your Islam, please Read book "Chaudahwin Ka Chand", a very effective book written against Islam that nobody could answer back.It was in the response of "Haq Prakash"

Anonymous said...

धनुधारी अर्जुन की रक्षा के लिए स्वयं भगवान श्री कृष्ण सहे थे 12 तीर !

कुरुक्षेत्र में लड़े गए महाभारत का भीषण युद्ध इतिहास का सबसे हिंसक एवं रक्तपात वाला युद्ध था . इस युद्ध से जुडी अनेक कथाएं आज भी हमें अनेक शिक्षाप्रद सीख़ देती है.

आगे पढ़े ==> shri krishan ne ki thi arjun ki rksha,श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन की रक्षा,प्रभु दर्शन,अर्जुन की रक्षा किसने की,अर्जुन के प्राण डाटा श्री कृष्णा

ameen mondol said...

yaha par kaha gaya k kaliyoog ane pe abhi lakho warsh baaki hai,tab kya helicopter ya rocket pe ayega?

ameen mondol said...

brother hindu koi dharm nahi ha ye naam sabse pahle urbo ne istemaal kiya tha indus valley k is paar rahne wale har admi ko describe karne k liye ,is hisaab se yaha par rehne wale har insaan hindu ha,our asal me hona chahiye vaidek dharm ya snatan dharm,